हर किसी के प्यार के किस्से ,
कम से कम दो-चार होते हैं |
किस्से तो हमारे भी हैं,
हम भी किसी के लबों के
जिक्र-ए-आम रहे,
पर अफ़सोस ,
की हम कहानी के नायक नहीं ,
बल्कि,
बस एक किरदार रहे |
उसके नैनों के तरकश से
तीर निकले किसी और के लिए ,
पर चौराहे पर खड़े ,
हम क़त्ल-ए-आम हुए |
हर वक़्त मिलना होता ,
पर दोस्तों का भी साथ होता ,
ऐसी महफिलों में
मैं सबसे दूर बैठता ,
क्यूंकि वहां से,
उसे एकटक ताकना आसान होता |
बेतरतीब पड़े हम बिस्तर पे
करवटें बदलते रहे ,
हर करवट के साथ
वह और भी निखर जाती थी ,
और इधर हमारी दुनिया,
थोड़ी सी और बिखर जाती थी |
आज सोचता हूँ की ,
काश मै अपने प्यार को थोड़े लब्ज दे पाता ,
या फिर अपने नैनों की भाषा ही समझा पाता ,
तो फिर आज वेदना नहीं,
बल्कि प्रेम रस के गीत गाता |
9 comments:
mtp blues :P
beautiful...
"आज सोचता हूँ की ,
काश मै अपने प्यार को थोड़े लब्ज दे पाता ,
या फिर अपने नैनों की भाषा ही समझा पाता ,
तो फिर आज वेदना नहीं,
बल्कि प्रेम रस के गीत गाता |"
and then hume ye kavita nahi milti..
piyush i think someone would be writing a poem on similar lines for you :P
हर करवट के साथ
वह और भी निखर जाती थी,
और इधर हमारी दुनिया,
थोड़ी सी और बिखर जाती थी|
kya likha hai..bas baat dil ko chu gayi aur fir dil me hi bas gayi...
short and sweet..padhke chehre pe muskaan laa dene waali kavita h...keep writing...n keep discovering your new talents.. :)
Izhaar-e-mohabbat karne ko, koi waqt nahin taleem nahin,
Bas ek jurrat se keh do ki, tu meri hai mein tera hun.... :)
bahut khoob pissu da !!!
We need to talk.
प्यार का किस्सा भी बड़ा अजीब होता है,
जिसका पूरा हो वो "lucky",
जिसका ना हो वो "खुशनसीब" होता है,
अगर आपका पूरा होता तो,
अभिव्यक्ति का ये फूल "उस" के बालों में सजता ,
फिर हमारे प्यारे "पिस्सू दा",
आपका ये ब्लॉग इसकी खुसबू से ना महकता ,
और आपके ब्लॉग पे कमेन्ट मैं क्या घंटा करता , :P
Really Mast likha hai Pissu Da :)
Awesome hai bhai ...:)
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