1.
एक बार अदब के साथ
निकलो तो सही ,
कारवां तो खुद-ब-खुद जुड़ जायेगा |
एक इरादे के साथ कदम तो जरा बढ़ा,
ये जमीं आसमा बन जाएगा ,
ख्वाबों के पतंग उड़ना छोड़,
तभी तू खुद भी उड़ पायेगा |
कारवां तो खुद-ब-खुद जुड़ जायेगा |
एक इरादे के साथ कदम तो जरा बढ़ा,
ये जमीं आसमा बन जाएगा ,
ख्वाबों के पतंग उड़ना छोड़,
तभी तू खुद भी उड़ पायेगा |
2.
आज की बारिश ने अरमानो का दरिया बना दिया,
उस दरिया में मैं एक कागज़ की कस्ती तैरा दिया,
उसपे मैंने अपना नाम लिखा था |
उस दरिया में मैं एक कागज़ की कस्ती तैरा दिया,
उसपे मैंने अपना नाम लिखा था |
3.
दुनिया की नज़रों में जो चाहत ढूंढते हो,
थोड़ी खुद से भी कर लो तुम,
मत बैठो यूं दीन,
थोडा यकीन खुद पे भी कर लो तुम |
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